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विशेष - श्रीमदभागवत महापुराण कथा, पितृ दोष शांति निवारण , कालसर्प दोष, संगीतमय सुंदर कांड पाठ ....
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Horoscopes

Aries

श्वनी , भरणी एवं कृत्तिका के प्रथम चरण के संयोग से मेष राशि का निर्माण होता है
लग्न स्वामी : मंगल | लग्न तत्व: अग्नि | लग्न चिन्ह : मेढ़ा | लग्न स्वरुप: चर | लग्न स्वभाव: उग्र | लग्न उदय: पूर्व | लग्न प्रकृति: चित्त प्रकृति | जीवन रत्न: मूंगा | अराध्य: भगवन शिव,भैरों,हनुमान | लग्न धातु: ताम्बा | अनुकूल रंग: लाल, क्रीम | लग्न जाति: क्षत्रिय | शुभ दिन: मंगलवार, रविवार | शुभ अंक: 9 | जातक विशेषता: तेजस्वी | मित्र लग्न : तुला,धनु, मकर | शत्रु लग्न : वृश्चिक, कन्या | लग्न लिंग: पुरुष |

Taurus

कृत्तिका (द्वितीय,तृतीय,चतुर्थ चरण), रोहिणी तथा, मृगशीर्ष (प्रथम,द्वितीय चरण) के संयोग से वृषभ राशि का निर्माण होता है
लग्न स्वामी : शुक्र | लग्न तत्व: पृथ्वी | लग्न चिन्ह : वृषभ(बैल) | लग्न स्वरुप: स्थिर | लग्न स्वभाव: सौम्य | लग्न उदय: दक्षिण | लग्न प्रकृति: वात प्रकृति | जीवन रत्न: हीरा | अराध्य:भगवान् विष्णु, श्री लक्ष्मी | लग्न धातु: | अनुकूल रंग:हरा,हल्का नीला,श्वेत | लग्न जाति: वैश्य | शुभ दिन: शुक्रवार,शनिवार | शुभ अंक: 6 | जातक विशेषता: दयालु | मित्र लग्न : मकर, कन्या | शत्रु लग्न : तुला , धनु | लग्न लिंग: स्त्री |

Gemini

मृगशीर्ष (तृतीय एवं चतुर्थ चरण), आद्रा तथा पुनर्वसु (प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय चरण) के संयोग से मिथुन राशि का निर्माण होता है
लग्न स्वामी : बुध | लग्न तत्व: वायु | लग्न चिन्ह : स्त्री पुरुष जोड़ा | लग्न स्वरुप: द्विस्वभाव | लग्न स्वभाव: क्रूर | लग्न उदय: पश्चिम | लग्न प्रकृति: त्रिधातु प्रकृति | जीवन रत्न: पन्ना | अराध्य: गणपति | लग्न धातु: | अनुकूल रंग:हरा, सफ़ेद | लग्न जाति: शूद्र | शुभ दिन: बुधवार | शुभ अंक: 5 | जातक विशेषता: चतुर, निडर | मित्र लग्न : मेष, तुला, कुम्भ | शत्रु लग्न : कर्क | लग्न लिंग: पुरुष (कुमार) |

Cancer

पुनर्वसु (चतुर्थ चरण), पुष्य (चारों चरण) तथा अश्लेशा (चारों चरण) के संयोग सेकर्क लग्न का निर्माण होता है
लग्न स्वामी : चन्द्र | लग्न तत्व: जल | लग्न चिन्ह : केकड़ा | लग्न स्वरुप: चर | लग्न स्वभाव: सौम्य | लग्न उदय: उत्तर | लग्न प्रकृति: कफ प्रकृति | जीवन रत्न:मोती | अराध्य: भगवान् शिव | लग्न गुण: सतोगुण | अनुकूल रंग:सफेद, क्रीम | लग्न जाति: ब्राह्मण | शुभ दिन: सोमवार | शुभ अंक: 2 | जातक विशेषता: भावुक | मित्र लग्न : वृश्चिक, मीन ,तुला | शत्रु लग्न :मेष, धनु, सिंह | लग्न लिंग: स्त्री |

Leo

मघा (चारों चरण), पूर्वाफाल्गुनी (चारों चरण) तथा उत्तराफाल्गुनी (प्रथम चरण) के संयोग से सिंह लग्न का निर्माण होता है
लग्न स्वामी : सूर्य | लग्न तत्व: अग्नि | लग्न चिन्ह: सिंह | लग्न स्वरुप: स्थिर | लग्न स्वभाव: क्रूर | लग्न उदय: पूर्व | लग्न प्रकृति: पित्त प्रकृति | जीवन रत्न:माणिक | अराध्य: सूर्य | लग्न गुण: सतोगुण | अनुकूल रंग:पीला, भगवा, श्वेत | लग्न जाति: ब्राह्मण | शुभ दिन: सोमवार | शुभ अंक:1 | जातक विशेषता:अति आत्मविश्वासी | मित्र लग्न :मिथुन,मेष,कन्या,धनु, | शत्रु लग्न : वृष,तुला | लग्न लिंग: पुरुष |

Virgo

उत्तराफाल्गुनी (द्वितीय,तृतीय,चतुर्थ चरण),हस्त नक्षत्र (चारों चरण), तथा चित्रा (प्रथम, द्वितीय चरण) के संयोग से कन्या लग्न का निर्माण होता है
लग्न स्वामी : बुध | लग्न तत्व: पृथ्वी | लग्न चिन्ह:हाथ में अग्नि लिए कुवांरी कन्या | लग्न स्वरुप: द्विस्वभाव | लग्न स्वभाव: सौम्य | लग्न उदय: दक्षिण | लग्न प्रकृति: वात प्रकृति | जीवन रत्न: पन्ना | अराध्य: गणपति | लग्न गुण: तमोगुण | अनुकूल रंग: हरा | लग्न जाति: वैश्य | शुभ दिन: बुधवार | शुभ अंक:05 | जातक विशेषता:अति व्यवहारिक | मित्र लग्न :मिथुन,मेष,सिंह,तुला | शत्रु लग्न : कर्क | लग्न लिंग: स्त्री |

Libra

चित्रा (तृतीय, चतुर्थ चरण), स्वाति नक्षत्र (चारों चरण), तथा विशाखा नक्षत्र (प्रथम, द्वितीय, तृतीय चरण) के संयोग से तुला लग्न का निर्माण होता है
लग्न स्वामी : शुक्र | लग्न तत्व: वायु | लग्न चिन्ह:तराजू | लग्न स्वरुप: चर | लग्न स्वभाव: क्रूर | लग्न उदय: पश्चिम | लग्न प्रकृति: त्रिधातु | जीवन रत्न: हीरा | अराध्य: श्री लक्ष्मी | लग्न गुण: रजोगुण | अनुकूल रंग: सफ़ेद | लग्न जाति: शूद्र | शुभ दिन: शुक्रवार | शुभ अंक:06 | जातक विशेषता:खोजी प्रवृत्ति | मित्र लग्न :मिथुन,कुम्भ | शत्रु लग्न : सिंह | लग्न लिंग: पुरुष |

Scorpio

विशाखा (चतुर्थ चरण), अनुराधा नक्षत्र (चारों चरण), तथा ज्येष्ठा नक्षत्र (चारों चरण)के संयोग से वृश्चिक लग्न का निर्माण होता है
लग्न स्वामी : मंगल | लग्न तत्व: जल | लग्न चिन्ह: बिच्छु | लग्न स्वरुप: स्थिर | लग्न स्वभाव: सौम्य लग्न उदय: उत्तर | लग्न प्रकृति: कफ प्रकृति | जीवन रत्न: मूंग |ा अराध्य:भगवान् शिव, हनुमान | लग्न गुण: तमोगुण | अनुकूल रंग: लाल | लग्न जाति: ब्राह्मण | शुभ दिन:मंगलवार | शुभ अंक: 9 | जातक विशेषता:निडर, प्रकृति प्रेमी | मित्र लग्न :कर्क, मीन | शत्रु लग्न : मेष,सिंह,धनु | लग्न लिंग: स्त्री |

Sagittarius

मूल नक्षत्र (चारों चरण), पूर्वाषाढ़ा (चारों चरण) तथा, उत्तराषाढ़ा (प्रथम चरण) के संयोग से धनु लग्न का निर्माण होता है
लग्न स्वामी : गुरु | लग्न तत्व: अग्नि | लग्न चिन्ह :दो हाथ और चार पैर वाला धनुर्धारी | लग्न स्वरुप: द्विस्वभाव | लग्न स्वभाव: क्रूर | लग्न उदय: पूर्व | लग्न प्रकृति: पित्त प्रकृति | जीवन रत्न: पुखराज | अराध्य:भगवान् विष्णु | लग्न गुण : सतोगुण | अनुकूल रंग: पीला | लग्न जाति: क्षत्रिय | शुभ दिन: बृहस्पतिवार | शुभ अंक: 3 | जातक विशेषता: लक्ष्य प्राप्ति की चेष्टा | मित्र लग्न :मेष ,सिंह | शत्रु लग्न : कर्क, वृश्चिक , मीन | लग्न लिंग: पुरुष |

Capricorn

उत्तराषाढ़ा (द्वितीय, तृतीय एवं चतुर्थ चरण), श्रवण (चारों चरण) तथा, धनिष्ठा (प्रथम , द्वितीय) के संयोग से मकर लग्न का निर्माण होता है
लग्न स्वामी : शनि | लग्न तत्व: पृथ्वी | लग्न चिन्ह :मगरमच्छ | लग्न स्वरुप: चर | लग्न स्वभाव: सौम्य | लग्न उदय: दक्षिण | लग्न प्रकृति:वात प्रकृति | जीवन रत्न: नीलम | अराध्य: शनिदेव | लग्न गुण : तमोगुण | अनुकूल रंग: नीला, काला | लग्न जाति: वैश्य | शुभ दिन: शनिवार | शुभ अंक: 8 | जातक विशेषता: कठोर परिश्रमी | मित्र लग्न :कुम्भ | शत्रु लग्न : सिंह | लग्न लिंग: स्त्री |

Aquarius

धनिष्ठा (तृतीय ,चतुर्थ), शतभिषा (चारों चरण) तथा, पूर्वाभाद्रपद (प्रथम, द्वितीय, तृतीय चरण ) के संयोग से कुम्भ लग्न का निर्माण होता है
लग्न स्वामी : शनि | लग्न तत्व: वायु | लग्न चिन्ह :घड़ा लिए हुए मनुष्य | लग्न स्वरुप: स्थिर | लग्न स्वभाव: क्रूर | लग्न उदय: पश्चिम | लग्न प्रकृति: त्रिधातु प्रकृति | जीवन रत्न: नीलम | अराध्य: भगवन शिव | लग्न गुण : तमोगुण | अनुकूल रंग: श्वेत | लग्न जाति: शूद्र | शुभ दिन: शनिवार | शुभ अंक: 8 | जातक विशेषता: संवेदनशील | मित्र लग्न :मीन,वृषभ, मकर | शत्रु लग्न : मिथुन, कन्या | लग्न लिंग: पुरुष |

Pisces

पूर्वाभाद्रपद (चतुर्थ चरण), उत्तराभाद्रपद (चारों चरण), तथा रेवती (चारों चरण) के संयोग से मीन लग्न का निर्माण होता है
लग्न स्वामी : गुरु | लग्न तत्व: जल | लग्न चिन्ह :दो मछलियाँ | लग्न स्वरुप: द्विस्वभाव | लग्न स्वभाव: सौम्य | लग्न उदय: उत्तर | लग्न प्रकृति: त्रिधातु प्रकृति | जीवन रत्न: पुखराज | अराध्य: भगवान् विष्णु | लग्न गुण : सतोगुण | अनुकूल रंग: पीला | लग्न जाति: ब्राह्मण | शुभ दिन: गुरूवार, रविवार | शुभ अंक: 3 | जातक विशेषता: भावुक | मित्र लग्न :कर्क, वृश्चिक | शत्रु लग्न : मेष, सिंह | लग्न लिंग: स्त्री |

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राशि परिचय

राशि राशि स्वामी राशि नग शुभ दिन रंग मुख्य अक्षर
मेष मंगल मूंगा मंगल रक्त अ, च, ल
वृक्ष शुक्र हीरा शुक्र श्वेत इ, ऊ, व, ए
मिथुन बुध पन्ना बुध हरा क, ह, ग, ह
कर्क चंद्र मोती सोमवार श्वेत ह, ड
सिंह सूर्य माणिक रवि लाल म, ट
कन्या बुध पन्ना बुध हरा प, पी, पू
तुला शुक्र हीरा शुक्र श्वेत त, र
वृश्चिक मंगल मूंगा मंगल रक्त न, तो, नी, ने
धनु गुरु पुखराज वीरवार पीला घ, घी, घू
मकर शनि नीलम शनि काला भो, ज, जी, ख
कुंभ शनि नीलम शनि काला सा, सी, से, सु
मीन गुरु पुखराज वीरवार पीला दी , दू , दे , दो , चा , ची

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