विशेष - श्रीमदभागवत महापुराण कथा, पितृ दोष शांति निवारण , कालसर्प दोष, संगीतमय सुंदर कांड पाठ ....
।। आचार्य पंडित गिरीश शर्मा की कलम से ।।

आचार्य पंडित गिरीश शर्मा की कलम से आचार्य पंडित गिरीश शर्मा की कलम से

स्वस्ति श्री गणेशाय नमः

सभी भक्त प्रेमियों को जय श्री कृष्णा । परम पिता परमात्मा की प्रेरणा से मैं आप सभी भक्तो को प्रणाम व अभिनन्दन करना चाहता हूँ । मैं ईश्वर का आभारी हूँ क्यूंकि उसी के आशीर्वाद व प्रेरणा से मैं अपनी इस ज्योतिषीय विद्या से समाज के लिए व दूसरो के जीवन में कुछ सुख व खुशियां भर पा रहा हूँ।

"कर्मण्येवा धिकारस्ते माँ फलेषु कदाचन "

यद्यपि यह सत्य है की इस विद्या के पीछे मेरा पिछले कई वर्षो का कठिन परिश्रम है । फिर भी प्रभु श्री कृष्णा के आशीर्वाद के बिना यह सब संभव न था ।

मैं पिछले 13 से 15 वर्षो से दूसरो के लिए ,समाज के लिए, प्राणी मात्र के कल्याण व उनकी समस्याओ के समाधान के लिए जो कुछ कर पाया हूँ अथवा भविष्य में अपनी ज्योतिषीय विद्या से जो कुछ कर पाऊंगा उसे अपने माता- पिता , अपने इष्ट की प्रेरणा व आशीर्वाद ही समझूंगा ।

अपनी इस वेबसाइट में मेरा पूर्ण प्रयास है की किसी भी विषय पर अधिक से अधिक जानकारी दूँ फिर भी सीमीत समय व संसाधनों के कारण यदि कुछ त्रुटि रह गयी हो तो उसके लिए क्षमाप्रार्थी रहूँगा ।

अधिक परामर्श लेने के लिए मेरा संपर्क नंबर व ई - मेल आई डी के द्वारा मेल भेजकर भी शंका का समाधान पाया जा सकता है ।

गत्त 13 से 15 वर्षो में कई भक्त लोग जो मुझसे जुड़े है जिन्होंने मुझमे अटूट विश्वास दिखाया जिनके लिए मैं कुछ कर पाया व जो मुझे शुभकामनायें व आभार भेज रहे है , मैं उन सभी के कल्याणम् हेतु ईश्वर से प्रार्थना करता हूँ । यद्यपि समय व जगह के अभाव के कारण यहाँ केवल कुछ चुने हुए लोगो के विचार व आभार ही लिखे जा रहे है ।

अंत में मैं आप सभी भक्तजनो का दिल से आभारी हूँ जिनकी शुभकामनाओ व निश्चल प्रेम से मैं ईश्वर द्वारा दी गई प्रेरणा को संभव बना पाया हूँ । "आपके सुझाव सदैव आमंत्रित रहेंगे ।"