विशेष - श्रीमदभागवत महापुराण कथा, पितृ दोष शांति निवारण , कालसर्प दोष, संगीतमय सुंदर कांड पाठ ....
।। मंगल अंगारक दोष निवारण ।।

Mangal Angarak Dosh Nivaran Mangal Angarak Dosh Nivaran

मंगल की भूमि सुत व बल का कारक माना गया है । जन्म पत्री में यदि मंगल ग्रहपापी ग्रहो के साथ जैसे राहु , केतु या उनसे द्रश्रित हो अथवा नीच का हो जाए तो ऐसी अवस्था में मंगल अंगारक दोष उत्पन्न होता है ।

इसकी पूजा व निवारण (Mangal Angarak Dosh Nivaran ) न कराने से मंगल ग्रह निर्बल होकर अपना प्रभाव छोड़ देता है एंव जातक को भूमि सम्बन्धी सुख प्राप्त नहीं हो पाता साथ ही शारीरिक सुख में कमी , उदर सम्बन्धी रोग होने के अवसर बढ़ जाते है । अविवाहित के विवाह में भी कठिनाई आ सकती है ।

मंगल ग्रह को पूजा व मंत्र से मंगल अंगारक दोष व का निवारण(Angarak Dosh Nivaran) कराने व उपरोक्त समस्याओ के समाधान के लिए संपर्क करे |